डीएम ने टाइमबार्ड करते हुए प्रकरण को 2 दिन के भीतर निस्तारित करने के निर्देश दिए।

डीएम ने टाइमबार्ड करते हुए प्रकरण को 2 दिन के भीतर निस्तारित करने के निर्देश दिए।

 

जिलाधिकारी सविन बसंल की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार कलेक्टेªट में सीएम हेल्पलाईन की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाईन के प्रकरणों के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नही की जाएगी। डीएम ने टाइमबार्ड करते हुए प्रकरण को 2 दिन के भीतर निस्तारित करने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा सीएम हेल्पलाईन मायने मेरी,हम सब अफसरों की विभागों की हेल्पलाईन, कहा किोई व्यथित, व्याकुल, परेशान जनमन हेल्पलाईन की ओर रूख करने वाला होगा यह सोच दिमाग में रख संवेदनश्ीलता रखें सभी अधिकारी कार्मिक। जिलाधिकारी ने विभागों की कई शिकायते लम्बित रहने पर सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए डीएम ने विभागों को 02 दिन के भीतर समाधान करने के निर्देश दिए। डीएम ने एक-एक विभाग की पेंडिंग, टाइम बार्ड शिकायतें खुलवा-खुलवा के देखी।
जिलाधिकारी ने की सीएम हेल्पलाइन पर लंबित शिकायतों के शीघ्र निस्तारण के दिए निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त जनशिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई प्रणाली राज्य सरकार की प्राथमिकता में है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विभागों को निर्देशित किया कि सीएम हेल्पलाईन पोर्टल पर जो शिकायतें लम्बे समय से लम्बित दिखा रहा है, उन्हें 2 दिन के भीतर निस्तारित करें।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि वे निस्तारित शिकायतों की फीडबैक कॉल्स की रिपोर्ट भी देखें और संतुष्टिपूर्ण निस्तारण की पुष्टि करें। डीएम ने निर्देश दिए कि ऐसी शिकायतें जो बार-बार प्राप्त हो रही हैं, उन पर विशेष ध्यान देकर स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को वास्तविक राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन से जुड़ी शिकायतों को केवल औपचारिकता न मानकर गंभीरता से लें और निर्धारित समयावधि के भीतर कार्रवाई कर समाधान करें।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि किसी शिकायत का समयबद्ध निस्तारण नहीं होता है तो संबंधित विभागीय अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को यह भी कहा कि शिकायतों के निस्तारण की जानकारी सीधे पोर्टल पर दर्ज करें और संतुष्टि फीडबैक पर विशेष ध्यान दें।
उन्होंने सभी विभागों से लंबित प्रकरणों की अद्यतन स्थिति प्रस्तुत करने को कहा तथा प्रत्येक माह प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को दिए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सीएम हेल्पलाईन में सर्वाधित लम्बित शिकायतें पुलिस विभाग 368, लोनिवि 252, यूपीसीएल 361, जल संस्थान 276, नगर निगम 358, लोनिवि 272, यूपीसीएल 242, जल संस्थान 203, एमडीडीए 177, पेयजल निगम 88, राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण 50, यूटीयू 35, यूयूएसडीए 29, सिचंाई 29, नगर पालिका 20, जिला पंचायत 18, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड 15, प्राथमिक शिक्षा14, भूलेख 13, वन विभाग 12 शिकायतें लम्बित है।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के मिश्रा, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी, सहित समस्त सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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