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राज्य की सामाजिक चुनौतियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी विकृतियों पर रोक लगाने के लिए सरकार ने निर्णायक कदम उठाए हैं, ताकि देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक समरसता को सुरक्षित रखा जा सके।

राज्य की सामाजिक चुनौतियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी विकृतियों पर रोक लगाने के लिए सरकार ने निर्णायक कदम उठाए हैं, ताकि देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक समरसता को सुरक्षित रखा जा सके।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर रविवार को सवाड़, चमोली पहुँचे, जहाँ क्षेत्रवासियों, पूर्व सैनिकों तथा उनके परिजनों द्वारा उनका स्वागत किया गया। कार्यक्रम में सहभागिताओं के बीच मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णयों और घोषणाओं को साझा किया।

 

 

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की कि ग्वालदम–देवाल–वाण मोटर मार्ग को नंदा देवी राजजात के आयोजन के उपरांत बीआरओ को सौंपने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी, जिससे भविष्य में सड़क की गुणवत्ता, रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था और बेहतर हो सकेगी। इसी प्रकार रामपुर तोर्ती को कुमाऊं क्षेत्र से जोड़ने वाली सड़क के निर्माण को भी सरकार की प्राथमिकता बताया गया।

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मुख्यमंत्री द्वारा थराली के तलवाड़ी तथा नंदानगर के लांखी क्षेत्र में मिनी स्टेडियम निर्माण को स्वीकृति दिए जाने का भी उल्लेख किया गया, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए खेल सुविधाएँ और अवसरों का विस्तार हो सकेगा।

 

मुख्यमंत्री ने ‘अमर शहीद सैनिक मेला सवाड़’ को राजकीय मेला करने की घोषणा भी की, जिसकी स्थानीय जनता और पूर्व सैनिक समाज की लंबे समय से प्रतीक्षा थी। यह निर्णय क्षेत्र में वीर सैनिकों की गौरवशाली परंपरा को सम्मान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

 

सवाड़ स्थित सैनिक स्मृति संग्रहालय का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री ने देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने 18वें ‘अमर शहीद सैनिक मेला’ के उद्घाटन अवसर पर उपस्थित जनसमूह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सवाड़ की धरती हमेशा राष्ट्रभक्ति, समर्पण और शौर्य की मिसाल रही है।

 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं सैनिक परिवार से आते हैं, और इस वीरभूमि में पहुंचकर उनके मन में अपने पिता द्वारा सुनाई गई अनेक वीरगाथाओं की स्मृतियाँ ताज़ा हो उठीं। उन्होंने कहा कि सवाड़ गांव के वीर जवानों ने सदैव राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अप्रतिम त्याग किया है, जिसकी पहचान पूरे भारतवर्ष में है।

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मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना और रक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार देखने को मिले हैं। जहाँ एक समय भारत रक्षा उपकरणों के लिए विदेशों पर निर्भर था, वहीं अब देश कई महत्वपूर्ण रक्षा उपकरणों का निर्यात करने वाले अग्रणी राष्ट्रों में शामिल हो चुका है। इस संदर्भ में उन्होंने हाल ही में संचालित ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत की सामरिक क्षमता, सैनिकों का साहस और स्वदेशी हथियार—तीनों ने विश्व स्तर पर देश की प्रतिष्ठा को और मजबूत किया है।

 

राज्य की सामाजिक चुनौतियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी विकृतियों पर रोक लगाने के लिए सरकार ने निर्णायक कदम उठाए हैं, ताकि देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक समरसता को सुरक्षित रखा जा सके।

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इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन चुका है जिसने समान नागरिक संहिता (UCC) को व्यावहारिक रूप से लागू किया है। इसे सरकार द्वारा जनता के प्रति किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया गया। सरकार का मानना है कि केवल घोषणाएँ नहीं, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारना ही वास्तविक प्रतिबद्धता का संकेत है।

 

कार्यक्रम में विधायक थराली श्री भूपाल राम टम्टा, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद के अध्यक्ष रामचन्द्र गौड़, उपाध्यक्ष हरक सिंह नेगी, साथ ही मेला समिति सवाड़ के अध्यक्ष आलम सिंह बिष्ट सहित जिले के सभी वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

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