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आसमानी आफत के बीच फौलाद सी खड़ी SDRF, 500 से अधिक जिंदगियों के लिए बने देवदूत

आसमानी आफत के बीच फौलाद सी खड़ी SDRF, 500 से अधिक जिंदगियों के लिए बने देवदूत


SDRF की पूरी टीम को सलाम, 500 से अधिक जिंदगियों के लिए बने देवदूत

SDRF की टीम आपदा के समय बनती है संकट मोचन., हर परिस्थितियों में खड़ी रहती है तैयार, ऐसे सभी जवानों को हमारा सलाम 🙏

 

चम्पावत व उधमसिंहनगर के जल भराव क्षेत्रो में भारी बारिश के बीच SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन

कुमाऊँ परिक्षेत्र में हुई अत्यधिक अतिवृष्टि से चम्पावत व उधमसिंहनगर के मैदानी क्षेत्र के कई इलाके पूरी तरह से जलमग्न हो गए। जलभराव होने से कई मकान पूरी तरह से पानी से भर गए। सेकड़ो लोग घरों के अंदर छतों पर फंस गये। उक्त घटना की जानकारी मिलते ही श्री मणिकांत मिश्रा, सेनानायक, SDRF द्वारा SDRF टीमों को आवश्यक उपकरणो के साथ घटनास्थल पर पहुँचकर राहत एवं बचाव कार्य किये जाने हेतु निर्देशित किया। साथ ही ढालवाला से भी SDRF की एक टीम को बैकअप के तौर पर प्रातः 04:00 बजे उधमसिंहनगर के लिए रवाना किया गया।

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*चम्पावत- जगपुरा, बनबसा से शुरु हुआ रेस्क्यू अभियान*
देर रात्रि जगपुरा में अतिवृष्टि से आई बाढ़ में कुछ लोगों के फंसे होने की सूचना पर SDRF टीम द्वारा मुश्किल हालातों में 30 महिला, पुरुषों व बच्चों को सुरक्षित निकालकर रैन बसेरा, बनबसा भिजवाया गया। SDRF टीमों द्वारा तत्पश्चात दो टीमों में बंट कर टनकपुर के वार्ड नंबर-9 व देवपुरा बनबसा में फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाकर राफ्ट के माध्यम से वर्तमान समय तक 122 लोगों जिसमें बच्चे, वृद्ध व महिलाएं सम्मिलित थी, को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया जा चुका है। बनबसा व टनकपुर में SDRF रेस्क्यू टीम में एसआई मनीष भाकुनी, हेड कांस्टेबल प्रवेश नगरकोटी, प्रकाश तिवारी, कांस्टेबल प्रदीप मेहता, नवीन पोखरिया, कृष्ण सिंह, नरेंद्र सिंह, सुरेश मेहरा, होमगार्ड राहुल, ललित कुमार, मनोज गहतोड़ी और ललित बोरा शामिल रहे, जिन्होंने बहादुरी से त्वरित राहत बचाव शुरू कर लोगों को सकुशल सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया।

*स्थानीय लोगों ने SDRF का जताया आभार*
जनपद चम्पावत- टनकपुर वार्ड नंबर 09 में देर रात्रि हुए जल भराव के दौरान एसडीआरएफ रेस्क्यू टीम द्वारा राहत बचाव कार्य करते हुए 03 परिवारों के 12 सदस्यों को निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया गया। सुबह SDRF की टीम द्वारा रात्रि में रेस्क्यू किये गये लोगों से उनकी कुशलता ली गयी, इस पर स्थानीय लोगों द्वारा उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुँचाने के लिये आभार जताया।

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*उधमसिंहनगर- सितारगंज, चतरपुर, खटीमा में SDRF की 03 टीमों ने समन्वय स्थापित कर चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन।*

एसडीआरएफ की टीम भारी बारिश के बीच उफनती धाराओं में हर चुनौती का सामना करते हुए खटीमा क्षेत्रान्तर्गत चतरपुर में जलभराव के बीच फंसे हुए 250 से अधिक लोगों को रेस्क्यू कर राफ्ट के माध्यम से सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया गया। वही दूसरी ओर ऋषिकेश से भेजी गयी बैकअप टीम द्वारा अरविन्दनगर, सितारगंज में मोर्चा संभाला गया। अरविन्दनगर में जलभराव के बीच फंसे हुए लोगों को राफ्ट के माध्यम से 59 लोगों को प्राथमिक विद्यालय, झाड़ी, सितारगंज सकुशल पहुँचाया गया, जहाँ उनके रुकने एवं खाने की व्यवस्था की गई है। सितारगंज में अभी तक 107 लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया जा चुका है।

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जनपद उधमसिंहनगर में SDRF की 03 टीमें रेस्क्यू में जूटी हुई है, जिनमें खटीमा में उप निरीक्षक नरेंद्र सिंह राणा, उप निरीक्षक सुरेंद्र सिंह, आरक्षी अजीत सिंह, आरक्षी राजेंद्र नाथ, आरक्षी प्रकाश सिंह, आरक्षी भूपेंद्र कन्याल, होमगार्ड, जितेंद्र होमगार्ड, होमगार्ड दीक्षित कुमार व सितारगंज में मुख्य आरक्षी सुरेश बहुगुणा, आरक्षी प्रकाश मेहता, आरक्षी रविंद्र सिंह, आरक्षी प्रदीप रावत, आरक्षी शिवम सिंह, फायरमैन संदीप सिंह, चालक राहुल कुमार रेस्क्यू कार्यों में जूटे हुए है। इसके साथ ही नैनीताल से यहां पहुँची रेस्क्यू टीम में उप निरीक्षक मनोज रावत, एडीशनल उप निरीक्षक लाल सिंह, मुख्य आरक्षी महेंद्र सिंह, आरक्षी चंदन सिंह, आरक्षी अमन कुमार, आरक्षी रोहित परिहार, फायरमैन नितेश खेतवाल शामिल है।

SDRF रेस्क्यू टीमों द्वारा भारी बारिश के बीच युद्धस्तर पर मोर्चा संभाला हुआ है। दोनों जनपदों में अभी तक 5,00 से अधिक लोगो को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया जा चुका है। रेस्क्यू टीमों द्वारा मझोला व नानकमत्ता, खटीमा में बचाव अभियान अभी भी जारी है।

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