Headlines

आपदा के बीच मुख्यमंत्री धामी की संवेदनशीलता और तत्परता, घायलों के बेहतर इलाज के दिए सख्त निर्देश

आपदा के बीच मुख्यमंत्री धामी की संवेदनशीलता और तत्परता, घायलों के बेहतर इलाज के दिए सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी गुरुवार देर रात्रि मायापुर (पीपलकोटी), चमोली स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में मलबा एवं पानी भरने की घटना की सूचना प्राप्त होते ही तत्काल राज्य आपदा परिचालन केंद्र, देहरादून पहुंचे और वहां से पूरे राहत एवं बचाव अभियान की कमान संभालते हुए अधिकारियों को युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन संचालित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने रेस्क्यू किए गए मजदूरों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधे संवाद कर उनका हालचाल जाना और उनका मनोबल बढ़ाया। उन्होंने उन्हें आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है तथा उनके उपचार और पुनर्वास की समुचित व्यवस्था की जाएगी।

ये भी पढ़ें:   दून विश्वविद्यालय के ‘युवा संवाद’ में सीएम धामी बोले—उद्यमशाला, स्वरोजगार और सौर स्वरोजगार योजनाओं से युवाओं को मिल रहे रोजगार के नए अवसर

मुख्यमंत्री ने आपदा परिचालन केंद्र से चमोली जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना एवं अन्य संबंधित एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार संपर्क बनाए रखा और पल-पल की स्थिति की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि टनल में फंसे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।

ताजा जानकारी के अनुसार सुरंग में कुल 22 व्यक्तियों के फंसे होने की सूचना है, जिनमें से 16 लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है, जबकि शेष लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अभियान लगातार जारी है।

ये भी पढ़ें:   राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने हिमालयी आपदाओं से निपटने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थायी त्वरित आपदा प्रतिक्रिया केंद्र बनाने की मांग की

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी चमोली श्री गौरव कुमार से दूरभाष पर वार्ता कर राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी ली और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने डिप्टी सीएमओ से भी बातचीत कर घायलों को तत्काल सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने, उपचार में किसी प्रकार की कमी न रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर हेलीकॉप्टर सेवा के माध्यम से गंभीर घायलों को एम्स अथवा अन्य उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफर करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पूरी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जब तक सभी लोग सुरक्षित बाहर नहीं आ जाते, तब तक राहत एवं बचाव अभियान पूरी ताकत और समन्वय के साथ जारी रहेगा।

ये भी पढ़ें:   8 जुलाई को उत्तराखंड ने हासिल की पूर्ण साक्षरता की उपलब्धि, केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने मुख्यमंत्री धामी और प्रदेशवासियों को दी बधाई

घटनास्थल पर जिलाधिकारी गौरव कुमार स्वयं मौजूद रहकर रेस्क्यू अभियान की निगरानी कर रहे हैं। जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना तथा अन्य संबंधित एजेंसियों की टीमें संयुक्त रूप से युद्धस्तर पर बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं। प्रशासन द्वारा घटनास्थल पर आवश्यक संसाधन, मशीनरी और चिकित्सा व्यवस्थाएं भी तत्काल उपलब्ध कराई गई हैं।

बैठक में मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन , सचिव श्री विनोद कुमार सुमन सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे |

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *