Headlines

मंत्री धन सिंह रावत ने आयुष्मान कार्ड बनाने में कमतर रहे जनपदों की जिम्मेदारी प्राधिकरण के अधिकारियों को सौंपी

आयुष्मान कार्ड बनाने का काम होगा तेज: डॉ धन सिंह रावत

मंत्री ने कहा कि प्रदेश में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अस्पतालों को ग्रीन चैनल घोषित किया जाना है। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया

 

 

स्वास्थ्य मंत्री ने आयुष्मान योजना की समीक्षा कर अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जिन जनपदों में 70 फीसद से कम आयुष्मान कार्ड बन पाए हैं वहां विशेष ध्यान दिए जाने की जरूरत है।

 

मंत्री धन सिंह रावत ने आयुष्मान कार्ड बनाने में कमतर रहे जनपदों की जिम्मेदारी प्राधिकरण के अधिकारियों को सौंपी

पहाड़ी जनपदों में कोई निजी अस्पताल सूचीबद्धता के लिए आवेदन करता है तो उसका सहयोग करें: स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत

ये भी पढ़ें:   SGRR विश्वविद्यालय में नैनो गाय का आगमन, छोटी कद-काठी की बड़ी खासियतों पर होगा व्यापक शोध

 

राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डा धन सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश में अधिक से अधिक लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने हैं। जिन जनपदों में अभी कम कार्ड बने हैं वहां प्राधिकरण के अधिकारी भ्रमण करेंगे और लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।

बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जिन जनपदों में 70 फीसद से कम आयुष्मान कार्ड बन पाए हैं वहां विशेष ध्यान दिए जाने की जरूरत है। आयुष्मान कार्ड बनाने के अभियान को गति प्रदान करने के उद्देश्य से हरिद्वार, टिहरी, पिथोरागढ़, रूद्रप्रयाग, चमोली आदि जनपदों मेें समन्वय हेतु अधिकारियों को जिम्मेदारियां दी गई हैं। जनपद के अधिकारियोें के साथ बैठक कर लक्ष्य तय किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि इस कार्य मेें पंचायती राज, बाल विकास, समाज कल्याण, शिक्षा व खाद्य एवं पूर्ति विभाग का भी सहयोग लिया जाएगा। कहा कि आपसी समन्वय के लिए सभी जनपदों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों की बैठक बुलाई जाएगी। और प्रतिदिन कम से कम 1500 आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य दिया गया।

ये भी पढ़ें:   मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में पर्यटन, फिल्म और एडवेंचर टूरिज्म में उत्तराखण्ड बना रहा नई पहचान

बैठक में विभागीय मंत्री ने कहा कि प्रदेश में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अस्पतालों को ग्रीन चैनल घोषित किया जाना है। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया। कहा कि पहाड़ी जनपदों में कोई निजी अस्पताल सूचीबद्धता के लिए आवेदन करता है तो उसका सहयोग करें।

बैठक में स्वायतशासी संस्थाओं के कर्मचारियों व पेंशनरों को राज्य स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत शामिल किए जाने पर भी चर्चा हुई।
इस मौके पर राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डा आनंद श्रीवास्तव, निदेशक डा बीएस टोलिया, अतुल जोशी आदि मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *