Headlines

मुख्यमंत्री धामी के विजन को आगे बढ़ाते हुए मंत्री रेखा आर्या ने किशोरों के लिए आधुनिक सुधार एवं सुरक्षा केंद्र की रखी आधारशिला

मुख्यमंत्री धामी के विजन को आगे बढ़ाते हुए मंत्री रेखा आर्या ने किशोरों के लिए आधुनिक सुधार एवं सुरक्षा केंद्र की रखी आधारशिला

उत्तराखंड में गंभीर अपराधों के मामलों में न्यायालय में विचाराधीन 16 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों के लिए पहली बार अलग ‘प्लेस ऑफ सेफ्टी’ बनाया जाएगा। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने सोमवार को हरिद्वार के रोशनाबाद में 555.15 लाख रुपये की लागत से बनने वाले इस अत्याधुनिक भवन का शिलान्यास किया। यह उत्तराखंड का पहला ‘प्लेस ऑफ सेफ्टी’ होगा, जहां राज्य के सभी जनपदों के गंभीर आपराधिक मामलों में विचाराधीन किशोरों को रखा जाएगा।

ये भी पढ़ें:   युवाओं की मेहनत को मिला सम्मान, मुख्यमंत्री धामी की सख्त नकल विरोधी नीति से भर्ती प्रक्रिया हुई पारदर्शी; पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी

शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि किसी भी संवेदनशील सरकार की असली पहचान इस बात से होती है कि वह समाज के सबसे कमजोर, भटके हुए और उपेक्षित वर्ग के प्रति कितनी जिम्मेदारी निभाती है। उन्होंने कहा कि यह भवन केवल ईंट, पत्थर और सीमेंट का ढांचा नहीं होगा, बल्कि भटके हुए किशोरों के जीवन को नई दिशा देने वाला सुधारात्मक और सुरक्षित केंद्र बनेगा।

उन्होंने कहा कि किशोर न्याय अधिनियम का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि बच्चों को सुधारकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। 16 से 18 वर्ष की आयु में कई बच्चे परिस्थितियों, गलत संगति या उचित मार्गदर्शन के अभाव में अपराध की ओर बढ़ जाते हैं।

ये भी पढ़ें:   युवाओं की मेहनत को मिला सम्मान, मुख्यमंत्री धामी की सख्त नकल विरोधी नीति से भर्ती प्रक्रिया हुई पारदर्शी; पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी

ऐसे किशोरों को सजा प्राप्त अपराधियों के साथ रखना उनके भविष्य के लिए और अधिक घातक साबित हो सकता है। इसी आवश्यकता को देखते हुए राज्य सरकार ने विचाराधीन किशोरों के लिए अलग ‘प्लेस ऑफ सेफ्टी’ की व्यवस्था की है।

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परिसर को केवल आवासीय केंद्र तक सीमित न रखा जाए, बल्कि यहां ऐसा वातावरण विकसित किया जाए जो किशोरों के व्यक्तित्व और मानसिकता में सकारात्मक परिवर्तन ला सके।

उन्होंने कहा कि यहां मनोवैज्ञानिकों और काउंसलरों की व्यवस्था के साथ शिक्षा, डिजिटल साक्षरता और कौशल विकास के प्रभावी प्रबंध किए जाएंगे, ताकि यहां से बाहर निकलने वाला प्रत्येक किशोर आत्मविश्वास, हुनर और जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना के साथ समाज में लौट सके।

ये भी पढ़ें:   युवाओं की मेहनत को मिला सम्मान, मुख्यमंत्री धामी की सख्त नकल विरोधी नीति से भर्ती प्रक्रिया हुई पारदर्शी; पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी

इस अवसर पर विधायक आदेश चौहान, विभागीय निदेशक बंसीलाल राणा, मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण तिवारी व अन्य अधिकारी गण उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *